Sunday, 24 February 2013

किसे सलवार -सूट पहनाना है ........

जय हो मैडम मुखमंतरी .........!!!
 आपके समाजसुधारक भाषण सुन ,आपका दास हो गया हूँ । आपने कितने अच्छे सलाह दिए ....सुनकर देश धन्य हो गया । अरे भाई मलाई खाओ ,लेकिन रेफ्रिजेटर न चलाओ ....... । बिजली बिल काम आएगा । हम बल्ब जला कर क्या करेंगे ....?यदी बंगलों में चकचकी रहेगी तभी तो माननिये लोग हमारेबिकास    का खाका रात भर जाग -जाग के तैयार करेंगे ।भला हम AC चला कर क्या तीर मारेंगे ...?ठंढक तो बंग्लों मे चाहिये ;जहाँ ठंढे दिमाग से देश की समस्याओं पर चिंतन किया जाता है कि किसे सलवार -सूट पहनाना है , किसे फंदे से लटकाना है ....कब दाम बढ़ाना है ,कब आँसू बहाना है ....!!! भाई बचत तो जरूरी है ...। मै तो कहूँगा कि भैंस से दूध निकालो और पी जाओ ...दूध उबालने 
   में इंधन खर्च ना करो ...। पैसे  बचा कर सरकार को दो ...।कम से कम आतंकिहमलों में घायलों की मरहम -पट्टी तो हो सकेगी ............।