Saturday, 16 November 2013

poetry by sriram: हम दिल्ली हैं वो पाकिस्तान हैं अभी

poetry by sriram: हम दिल्ली हैं वो पाकिस्तान हैं अभी: कैसी रुसवाई उनकी जरा देखिये;  दिल लगाते ही बेदिल बताने लगे ।  हमने उनके बदन को छुआ भी नहीं ; वो हमारा वतन ही जलाने लगे। ।  दो...